साध्वी मुद्दे पर गरमाई संसद
विपक्ष की निंदा प्रस्ताव पारित कराने की मांग
नई दिल्ली। साध्वी मुद्दे पर राज्यसभा में जारी गतिरोध समाप्त करने के लिए नौ विपक्षी दलों ने सरकार से उनके उस संयुक्त प्रस्ताव को स्वीकार करने का अनुरोध किया, जिसमें कहा गया है कि मंत्री के ऐसे बयान के स्वीकार नहीं किया जा सकता और इसकी निंदा की जाए।राज्यसभा में नौ विपक्षी दलों कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, जदयू, बहुजन समाज पार्टी, माकपा, द्रमुक, भाकपा और राकांपा ने प्रस्ताव रखा। नौ विपक्षी दलों की ओर से जारी संयुक्त बयान के अनुसार, हम सभी दल एक मंत्री के घणित बयान पर कड़ी आपत्ति व्यक्त करते हैं। ऐसे बयान देने वाले मंत्री को मंत्रिपरिषद से हटाने का मामला बनता है क्योंकि यह भारतीय दंड संहिता की धारा 153ए के तहत संज्ञेय आपराध है और संविधान की बुनियादी प्रकृति का भी उल्लंघन करता है।
हमारा यह कर्तव्य बनता है कि मंत्री को इस्तीफा देने के लिए कहा जाए या प्रधानमंत्री उन्हें मंत्रिपरिषद से हटाये जाने की सिफारिश करें। बयान के अनुसार, जब प्रधानमंत्री ने कल राज्यसभा में बयान दिया तब हमने शांति से उनकी पूरी बात सुनी। दुर्भाग्य से प्रधानमंत्री उन्हें (मंत्री) हटाये जाने या उनकी टिप्पणी की निंदा करने के बुनियादी विषय पर नहीं बोले।
विपक्षी दलों ने कहा कि ऐसी परिस्थिति में हमने गुरूवार को कार्यमंत्रणा समिति को यह सूचित करने का निर्णय किया है कि सदन में निंदा संबंधी प्रस्ताव लाया जाए कि मंत्रियों का इस तरह का बयान स्वीकार्य नहीं है और इसकी निंदा की जानी चाहिए। हमने मंत्री का नाम नहीं लेने की बात भी कही। बयान के अनुसार, दुर्भाग्य से सरकार ने हमारे व्यवहारिक प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। हालांकि हमने इस अवधि में संयम बरता। विपक्ष ने सरकार को घेरा केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति के विवादास्पद बयान पर एकजुट विपक्ष ने आज लगातार चौथे दिन लोकसभा में सरकार को घेरा और इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री के बयान से संतुष्ट नहीं हुए तथा संबंधित मंत्री पर कार्रवाई की मांग करते हुए सदन से वाकआउट किया। आज सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होने पर विपक्षी सदस्य अपने मुंह पर काली पट्टी लगाकर आए थे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने साध्वी के बयान को खारिज करते हुए मर्यादा में रहकर बोलने की नसीहत दी। उन्होंने सदन चलने देने के लिए निचले सदन के सदस्यों का आभार जताया। प्रधानमंत्री ने साध्वी मुद्दे पर विराम लगाकर देशहित में सदन में कामकाज चलने देने का आग्रह किया। इस पर सदन में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खडगे ने कहा कि प्रधानमंत्री को मालूम है कि यह विषय किस संदर्भ में उठाया गया है। यह बात उनके संज्ञान में लाना जरूरी थी। हम किसी व्यक्ति के विरूद्ध नहीं है, चाहे वह किसी भी पष्ठभूमि का हो।
उन्होंने कहा कि आपके मंत्रिगण ऐसे बयान दे रहे हैं जिससे देश में दूसरे तरह का माहौल बन रहा है।
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